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सोशल सर्विस
देखो निकला वो अपने घर से साफ़ा पहने, काले मन से। हाथ में ऐपल, सर पे नाइकी साथ में नौकर झोला पकड़े। झोले में क्या? तुझको क्या! मन में है क्या? तुझको क्या! मन में जो भी है दया, उसका भी तो ताव नया। चार की गाड़ी, बैठा एक, बैठा है दूजा मारने ब्रेक। सेवा है…